सोनम तुम नहीं, समाज है घटिया और बेबफा


बस अब बंद करो ये घटिया और ओछी मानसिकता का खेल 
घटिया लोगों के लिए भी एक सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत
- श्रीमती लक्ष्मी गामड़
"पटेल घरे कुतरो मरियो ने पटेल खुद तोकियो मैं कसी वाचा कुँ" मतलब अरे सुना पटेल के घर कुत्ता मर गया और वो खुद फेक आया मैं सिर्फ तुम्हें बता रहा हूँ किसी से कहना नही। यही करते-करते उस नौकर ने पूरे गाँव में ढ़िढोरा पीट दिया। और आखिर उस पटेल को समाज से बाहर करवा के ही माना। ऐसे ही होते हैं छोटी सोच के लोग, जो बिना सोचे विचारे सारी बुरी बातें फैलाते हैं। और आज सोनम गुप्ता मामले में भी ठीक वैसा ही हो रहा है। सच तो यहाँ है कि हमारा समाज ही आज कल घटिया और ओछी मानसिकता का हो गया है। जैसे देश बदलने के लिए करेंसी बदल रही है, ठीक वैसे ही अब ऐसे घटिया लोगों के लिए एक सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है।


मय बदल रहा है और हाँ बहुत ही ज्यादा बदल गया है। हमने चाँद का सफर तय कर लिया। मंगल पर भी जाने की तैयारी कर ली और कोई बड़ा आश्चर्य नही होगा कि हम वहां भी बहुत जल्दी पहुँच जाये तो। बस नही बदला कुछ भी तो वो इंसान हैं वैसे ही संकीर्ण मानसिकता, कुतर्की, कान का कच्चा, अविश्वासी, स्वार्थी, मतलबी। वो सतयुग, द्वापर और
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कलयुग में भी जो था वही आज भी है।
अभी लगातार कुछ टाइम से एक सरफिरे ने एक नोट पर सोनम गुप्ता बेवफ़ा लिख के उसे फेसबुक पर शेयर कर दिया तो वो इतना ज्यादा वाइरल हुआ कि हर बात में उसे बस मजाक बना के परोसा जा रहा हैं।और ना चाहते हुए भी आपको भी उसका हिस्सा बनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। फिर आप उसे देखना चाहो या नही। यहाँ तक की लोगों ने उसे इतना वाइरल किया कि मोदी जी की नोटबंदी से ज्यादा तो
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सोनम गुप्ता बेवफ़ा हो गई पर चर्चा की जा रही है। पर कोई ये नही सोच रहा कि जितनी तेजी से बुरी बातें फैलती हैं उतना ही तेजी से इसका नकारात्मक असर सामने आता हैं। 
जहाँ देखो वहाँ यही दिख रहा। अरे न्यूज़ चैनल वाले भी बिना उसकी तह में पहुँचे उसे चटखारे ले ले के परोस रहे हैं। और हम भी चाय, कॉफी और स्नैक के साथ बड़े पॉवर ग्लासेस लगाके हँस-हँस के देख रहे हैं। ये सब हमारे संस्कारों के ह्रास होने की परिणीति है। हाँ, हम अपने बच्चों को विरासत में यही परोस रहे हैं और खुद भी बेशर्म बन के ही ही ही कर रहे हैं।
ये ठीक वैसे ही है जैसे बचपन में मेरी दादी एक किस्सा सुनाया करती थी कि एक बार एक संभ्रात परिवार में एक कुत्ता मर जाता हैं और जैसा कि सभ्य समाज में मरे कुत्ते को फेकने का काम एक विशेष जाति वर्ग द्वारा किया जाता रहा हैं। परंतु उस समय उस संभ्रात परिवार के मुखिया ने अपने प्रिय कुत्ते को स्वयं ही गोद में उठा के उसे गति दे दी और ये सारा उसके नौकर ने देख लिया। तब पटेल ने उससे वचन लिया कि वो बाहर किसी को भी बताएं नही। नही तो उसकी बदनामी होगी। पर नौकर तो नौकर ठहरा और वो हर मिलने वाले से कहता "पटेल घरे कुतरो मरियो ने पटेल खुद तोकियो मैं कसी वाचा कुँ" मतलब अरे सुना पटेल के घर कुत्ता मर गया और वो खुद फेक आया मैं सिर्फ तुम्हें बता रहा हूँ किसी से कहना नही। 
यही करते-करते उस नौकर ने पूरे गाँव में ढ़िढोरा पीट दिया। और आखिर उस पटेल को समाज से बाहर करवा के ही माना। ऐसे ही होते हैं छोटी सोच के लोग, जो बिना सोचे विचारे सारी बुरी बातें फैलाते हैं। और आज भी वैसा ही हो रहा है।
आज किसी ने मेरे पेज पर #उत्तर-प्रदेश की एक घटना को शेयर किया हैं।वहाँ किसी सोनम गुप्ता नाम की लड़की की शादी होने वाली थी वो टूट गई।कल तक जहाँ मंगल गीत गाये जा रहे थे आज वहाँ मातम पसरा हैं।यही वाकया आज मध्य-प्रदेश में भी दोहराया गया। सभी ने लड़के वालों को बहुत समझाया पर वो मानने को तैयार ही नही कि ये सच नही हैं। उन लोगों का कहना हैं कि वो सोनम गुप्ता वही हैं। हैं ना एक और घटिया सोच। अव्वल तो एक उस संस्कारहीन लड़के या लड़की ने जिसने भी उस नोट पर किसी लड़की विशेष का नाम लिखके उसे तो बदनाम किया ही साथ ही अपने घटिया होने का परिचय देते हुए अपने माँ बाप को बदनाम किया। दूसरी तरफ क्या हो गया हैं उन लोगों को जो एक वाक्य भर लिख देने से किसी लड़की को चरित्रहीन मान रहे हैं। और वो हो भी नही, उस नोट का उससे कोई लेना-देना ही ना हो।
ये नोट तो पिछले साल से ही फेसबुक पर घूम रहा था फिर तब क्यों किसी ने नही देखा और आज अचानक क्या जरूरत पड़ गई उसे इतनी तवज्जो देने की।लोगों जागों किसी की क्षणिक भर की शरारत का पैमाना किसी भी उस लड़की की जिंदगी बर्बाद करने का लाइसेंस नही हो गया जिसका नाम सोनम गुप्ता हो। बस अब बंद करो ये घटिया और ओछी मानसिकता का खेल। जैसे देश बदलने के लिए करेंसी बदल रही हैं ठीक वैसे ही अब ऐसे घटिया लोगों के लिए एक #सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत हैं।
मैरी सभी #सोनम गुप्ता नाम की लड़कियों के माता पिता से गुजारिश हैं कि वो अपनी बेटियों का इस कठिन परिस्थिति में साथ दे और उनके साथ खड़े रहे। और सभी सोनम को ये कहना चाहूंगी कि किसी भी एरे-गेरे के कहने से आप चारित्रहीन नही हो जाती हो। डटकर मुकाबला करों। क्योंकि सबका एक काला सच होता हैं कोई दूध का धुला नही होता। इसलिए हौसला रखो सब ठीक होगा। और हाँ, जो लोग तुम्हारे घर से बारात लौटाने की धमकी दे उसे सोनम तुम खुद लात मार के घर से बाहर निकालो क्योंकि बेवफ़ा तुम नही,बेवफ़ा तो ये समाज हैं, जो वक्त के साथ मुखोटे बदलता रहता हैं।
और जाने से पहले
किसी पर ऊँगली उठाना तो आसान होता ये बताने के लिए कि वो ख़राब हैं पर क्या आपने देखा जब आप किसी को एक ऊँगली दिखाते हो तो आपकी तरफ कितनी ऊँगली अपने आप उठ जाती हैं, क्या कहा तीन हाँ बिलकुल सही मतलब आप तीन गुना ज्यादा खराब हो। अब आपको ही सोचना है, कि करना क्या है

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