किसान भटकता मिला तो यह राजस्व अधिकारियों के लिए अच्छा नहीं होगा : राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता


शासकीय भूमि पर बड़े अतिक्रमणों को सख्ती से हटायें, 
अच्छे परिणाम नहीं आते 
तो रोका जाएगा राजस्व अधिकारी का वेतन

प्रत्येक राजस्व अधिकारी को इस बारे में विचार करना होगा तथा उन कारणों को दूर करने की अपने स्तर पर कोशिश करनी होगी, जिनकी वजह से आम लोगों के बीच विभाग की छबि खराब हुई है। 

जबलपुर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यहाँ एक बैठक में राजस्व विभाग की आम जनता के बीच बनी खराब छबि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रत्येक राजस्व अधिकारी को इस बारे में विचार करना होगा तथा उन कारणों को दूर करने की अपने स्तर पर कोशिश करनी होगी, जिनकी वजह से आम लोगों के बीच विभाग की छबि खराब हुई है। 
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए राजस्व अधिकारियों सेे अपने मूल कार्यों पर ज्यादा ध्यान देने की अपेक्षा की उन्होंने कहा कि उन्हें बंटवारा, सीमांकन एवं नामांतरण के विवादित और अविवादित प्रकरणों के निराकरण को ज्यादा तवज्जो देनी होगी । श्री गुप्ता ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि आम नागरिकों और किसानों से इस बारे में प्राप्त हर आवेदन को अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाये । उन्होंने कहा कि यदि इस बारे में शिकायतें मिली अथवा किसान या आम नागरिक बंटवारा, नामांतरण और सीमांकन के आवेदन लेकर भटकता मिला तो यह राजस्व अधिकारियों के लिए अच्छा नहीं होगा। 
राजस्व मंत्री ने बैठक में राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने राजस्व विभाग की आम जनता के बीच बनी खराब छबि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रत्येक राजस्व अधिकारी को इस बारे में विचार करना होगा तथा उन कारणों को दूर करने की अपने स्तर पर कोशिश करनी होगी, जिनकी वजह से आम लोगों के बीच विभाग की छबि खराब हुई है। श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्व अधिकारी चाहें तो विभाग की छबि को बदल सकते हैं और इसे बेहतर बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें खुद पहल करनी होगी, कार्यों में पारदर्शिता लानी होगी और कार्यप्रणाली में भी सुधार लाना होगा । उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों को आम नागरिकों के राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों को समय-सीमा के भीतर निराकरण करना होगा । इसके साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते हुए उन्हें जनता के बीच जाकर रचनात्मक एवं नवाचार के कार्यों से भी जुड़ना होगा।
उन्होंने राजस्व अधिकरियों को शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमणों को सख्ती से हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए अभियान चला कर बड़े और प्रभावशाली अतिक्रामकों के अतिक्रमण पहले हटायें। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक राजस्व अधिकारी को अपने क्षेत्र के कम से कम पांच बड़े अतिक्रामकों की पहचान करने के निर्देश दिये हैं । श्री गुप्ता ने श्मशान, कब्रिास्तान, मंदिर और स्कूलों की भूमि पर हुए अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये । बैठक में कलेक्टर श्री महेश चंद चौधरी भी मौजूद थे । 
करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में राजस्व मंत्री ने जिले के राजस्व अधिकारियों के साथ 23 बिन्दुओं के एजेण्डे पर चर्चा की । राजस्व मंत्री ने उच्च न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक सिविल न्यायालयों में लंबित राजस्व विभाग के प्रकरणों की जानकारी भी बैठक में ली । श्री गुप्ता ने कहा कि सिविल न्यायालयों में दर्ज हर प्रकरणों में समय पर शासन का पक्ष और जवाब दावा प्रस्तुत किये जायें तथा सही तथ्यों की प्रस्तुति पर ज्यादा ध्यान दिया जाये । राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर बताया कि सिविल न्यायालयों में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की मानीटरिंग के लिए सभी जिलों से विधि अधिकारियों की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है । 
श्री गुप्ता ने कहा कि भविष्य में यदि सिविल न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों में शासन के विरूद्ध फैसले आते हैं तो इसके लिए संबंधित प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी और उसके विरूद्ध कार्रवाई भी की जायेगी । 
राजस्व मंत्री ने बैठक में राजस्व वसूली पर भी जोर दिया । उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली की स्थिति में यदि एक माह के भीतर अच्छे परिणाम परिलक्षित नहीं होते हैं तो संबंधित राजस्व अधिकारी का वेतन रोकने की कार्रवाई की जायेगी । उन्होंने विभागीय जांच के मामलों को भी समय सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय जांच में विलंब होने पर जांचकत्र्ता अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी । श्री गुप्ता ने निलंबित अधिकारियों-कर्मचारियों को तय समय-सीमा के भीतर आरोप पत्र जारी किया जाना सुनिश्चित करने की हिदायत भी बैठक में दी । 
राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त आवेदनों पर भी त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये । उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सी.एम. हेल्पलाइन के प्रकरण लेवल-1 पर ही निराकृत करने होंगे । श्री गुप्ता ने सी.एम. हेल्पलाइन से प्राप्त आवेदनों के निराकरण पर लगातार मानीटरिंग के निर्देश भी राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिये । 
राजस्व मंत्री ने बैठक में भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण, नक्शों का डिजिटाइजेशन के कार्य में प्रगति की जानकारी भी ली । इस अवसर पर बताया गया कि जिले में दोनों कार्य पूरे हो चुके हैं । इसके साथ ही जिले की सात में से छह तहसीलों के अभिलेखागारों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है । 
राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर जिले में मुनारे स्थापित किये जाने के कार्य की प्रगति का व्यौरा भी लिया । उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षक और पटवारी के भरोसे न रहकर तहसीलदार एवं अनुविभागीय राजस्व अधिकारी खुद मुनारों का सत्यापन करें कि ये निर्धारित स्थान पर और मजबूती के साथ लगाये गये हैं या नहीं । ताकि भविष्य में किसी तरह की कठिनाइयाँ सामने न आयें । 
श्री गुप्ता ने सप्ताह में एक दिन तहसील मुख्यालय में और एक दिन हल्का मुख्यालय में पटवारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये । उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की मदद से प्रदेश के सभी पटवारियों को जल्दी ही लेपटाप प्रदान किये जायेंगे ताकि वे घर में भी विभागीय कार्य कर सकें । 
Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc