सिमी आतंकियों से लड़ते शहीद हुये बहादुर सिपाही श्री यादव का सपना, जो अधूरा रह गया




बलिया (यूपी)
। भोपाल सेंट्रल जेल में सिमी के आतंकियों के हमले में शहीद हुए श्री रामशंकर यादव के गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार सहित पूरा गांव शोक में डूब गया है। परिजनों को देश के लिए शहीद होने पर फक्र भी है, लेकिन सबसे ज्‍यादा दुख इस बात की है कि आगामी 9 दिसंबर को उनकी इकलौती बेटी की शादी है। उनका सपना था कि बेटी की शादी धूमधाम से करें, लेकिन अधूरा रह गया। 

शहीद श्री रामशंकर यादव का पैतृक गांव बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र के राजपुर है। उनके भाई श्री रामकुमार यादव ने बताया कि अगले महीने 9 दिसंबर 2016 को उनकी लड़की की शादी तय हुई है। उनकी ये इकलौती लड़की है, जिसे अपने हाथों विदा करने का उनका सपना अधूरा रह गया।
उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करने की बात कह रहे थे। उनके 2 बेटे फ़ौज में हैं। तीन महीने पहले वह अपने भतीजे की शादी में गांव आए थे।

भोपाल जेल से ही 2 साल पहले रिटायर हुए श्री गोपाल यादव ने बताया
कि उनके ड्यूटी के समय भी वह सिम्मी के आतंकी भोपाल जेल में थे। वह काफी खूंखार आतंकी थे और जेल प्रशासन पर काफी दवाब बनाते थे
अलग से सुविधाओं की मांग करते थे। उनको अच्छा खाना चाहिए होता था। काफी सुरक्षा व्‍यव्‍था में उन्हें रखा जाता था। उस जेल में 34 सिम्मी के आतंकी रहते थे। उन्‍होंने बताया कि श्री रामशंकर बहुत हिम्मती और बहादुर थे। उनके शहीद होने से पर पूरा गांव दुखी है। शहीद रामशंकर को भोपाल जेल में अपने ड्यूटी में अच्छे कामों के लिए प्रशस्ति पत्र भी मिल चुका है।


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